Badrinath Temple History & General Knowledge

आज हम Rain Love Poetry ब्लॉग पर लेकर आये हैं बद्रीनाथ मंदिर के बारे में जानकारी और इसका इतिहास ऐसा तो होगा नहीं कि आपने बद्रीनाथ मंदिर का नाम ना सुना हो लेकिन ऐसा ज़रूर हो सकता है कि आपको इस मंदिर का इतिहास ना पता हो इसलिए इस जानकारी को पूरा पढ़ें तो आप जान जाओगे की बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास क्या है।

 

बद्रीनाथ मंदिर का इतिहास

 

बद्रिनाथ मंदिर सत्ययुग का एक निशानी है, जहां कि भगवान विष्णु को बदरी नारायण के नाम से पूजा किया जाता है, बद्रीनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में नर ओर नारायण 2 पहाड़ों के बीच है, बद्रीनाथ मंदिर के बगल में एक नदी भी है जिसका नाम है अलकनंद, यह मंदिर साल में 6 महीने खुला रहता है ओर 6 महीने बंद रहता है, बद्रीनाथ बेर पेड़ का बहुत बड़ा जंगल था ओर वहां भगवान विष्णु तपस्या करते थे इसीलिए इसका नाम बेर से बद्री ओर नाथ यानि जगत्कर्ता (बद्रीनाथ) रखा गया।

 

किताबों के अनुसार 8वी शताब्दी में वहाँ एक योगी रहते थे जिनका नाम था आदि शंकराचार्य एक दिन वो सोने के समय भगवान विष्णु के सपने में आकर नदी से उनका मूर्ति को निकल कर पुनः स्तापित करने के लिए कहे सच्च में अगले दिन नदी में एक मूर्ती तैर रही थी यह देख के आदि शंकरचार्य ने मूर्ति को लेकर तप्त कुण्ड गुफ़ा में स्तापित किया था।

 

बद्रीनाथ में हमेशा भूकंफ ओर बर्फ की ग्लाइडर के कारन बद्रीनाथ मंदिर को बहुत बार पुनः निर्माण किया गया है, 16वीं शताब्दी में गढ़वाल के राजा ने बद्रीनाथ मंदिर को वर्तमान के रुपए दिए थे, पुराण यह कहते हैं की विष्णु लेटे हुए थे ओर लक्ष्मी उनके पैर दबा रहे थे।

उस वक़्त एक साधु संत ने वो दृष्य देखा ओर भगवान विष्णु को कहा आप तो लेटे हुए हो ओर आपकी पत्नी को काम क्यों करवा रहे हो यह सुन के विष्णु ने पश्चाताप किया था बदरीनाथ में इसी लिए तो बदरी नारायण मूर्ति को तपस्या करने के रूप में आपको देखने को मिलेगा।

 

बद्रीनाथ मंदिर की अन्य जानकारी

 

  • बद्रीनाथ टेम्पल आदि शंकराचार्य ने बनवाया था।
  • बद्रीनाथ में भगवान विष्णु का बद्रीनारायण के रूप में पूजा किया जाता है।
  • बद्रीनाथ नाम इसीलिए है की सदियों पहले वहां बेर के पेड़ की एक बड़े जंगल था इसलिए बेर यानि बदरी ओर नाथ विष्णु इसे मिलके बद्रीनाथ नाम रखा गया है।
  • बद्रीनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में है।
  • बद्रीनाथ केदारनाथ से 250 किलोमीटर दुरी में है
  • बद्रीनाथ मंदिर 8वीं शताब्दी में बनाया गया था।
  • बद्रिनाथ मंदिर को 16वीं शताब्दी में गडवाल के राजा वर्तमान रुपये दिए थे।
  • बद्रीनाथ मंदिर के दो ओर दो पहाड है नर ओर नारायण
  • बद्रीनाथ मंदिर की ऊँचाई 50 फ़ीट है।
  • बद्रीनाथ मंदिर कई बार टुटा हैं, भूकंप के आने से ओर कई बार मंदिर का पुनः निर्माण किया गया है।
  • बद्रीनाथ के पास एक नदी बहता है जिसका नाम अलकनंदा है।
  • बद्रीनाथ मंदिर सतयुग का एक निशानी है।
  • लोगों का मन है की बद्रीनाथ विष्णु का सायं स्थान है।
  • बद्रीनाथ मंदिर साल में 6 महीने खुलता है ओर 6 महीने बंद रहता है।
  • बद्रीनाथ मंदिर में 6 महीने खुला रहने के बाद मंदिर का दरवाजा बंद कर दिया जाता है।
  • बद्रीनाथ मंदिर को लेकर एक फ़िल्म भी बना है वहाँ आपको बद्रीनाथ के पूजा अर्चना ओर नियम सब देखने को मिल जाएगा।

 

Last Words:

बद्रीनाथ मंदिर से जुड़ी यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट कर ज़रूर बताएं और इसे आप अपने दोस्तों और परिवार से जरूर शेयर करें तांकि वो भी बद्रीनाथ मंदिर के इतिहास को जान सकें।

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