Hirakund Bandh Ki Jankari | निर्माण, इतिहास

आज हम आपके लिए लेकर आये हैं हीराकुंड बांध की जानकारी जो ओडिशा के संबलपुरी में स्थित है इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि हीराकुंड बांध को कब और क्यों बनाया गया, हीराकुंड बांध को किसने बनवाया ओर इसके अलावा भी अन्य कई जानकारियां हम आपसे साँझा करेंगे तो इस पोस्ट से अंत तक जुड़े रहें ताकि आप हीराकुंड बांध के पूरे इतिहास को जान सकें।

 

हीराकुंड बांध का इतिहास

 

  ओड़ीशा के सम्बलपुरी डिस्ट्रिक से 15 किलोमीटर दूर हीराकुड है जहाँ महा नदी रिवर है बारिश के टाइम महानदी में बड़े बड़े बाड़ आते जिसके कारन लाखों एकड़ जमीन की खेती बर्बाद हो जा रही थी जिसके कारन लाखों लोगों को भुखमरी परेशानी झेलना पड़ रहा था।

इसी के कारन ओडिशा के श्री विस्बेश्वराय ने  महानदी के ऊपर एक बांध बनवाने के लिए 1936 प्रस्ताव उठाया ओर 1945 में डॉ.अम्बेडकर ने बांध को बनवाने के प्रस्ताव को पास कर स्वीकृति कर लिया, 1946 में बांध का कंस्ट्रक्शन शुरू हो गया इस बांध को बनाने के लिए हीराकुड के आसपास रहने वाले लगभग 300 गाओं को खाली कराया गया।

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यह बांध दो पहाडियों के बीच लक्ष्मी डुंगरी उर चांडिल डुंगरी के बीच बनाया गया है, लक्ष्मी डुंगरी से चांडिल डुंगरी 25.8 किलोमीटर दुर है ओर हीराकुंड बांध को इसी दो डुंगरी के सहारे बनाया गया है तो कुल मिलाके हीराकुंड बांध का लम्बाई 25.79 किलोमीटर है जो की दुनिया के सबसे लंबा बांध माना जाता है।

हीराकुंड बांध के ऊँचाई 200 फ़ीट है, हीराकुंड बांध में पानी को स्टोर किया जाता है ओर जयादा होने से पानी को छोड दिया जाता है पानी को छोड ने के लिए 64 स्लाइस गेट ओर 34 क्रेस्ट गेट लगाया गया है, हीराकुंड दम को बनवाने के लिए उस वक़्त 81 बिलियन रूपए खर्च हुआ था, हीराकुंड बांध 1953 में बन कर तैयार हो गया ओर बांध का उदघाटन करने के लिए प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू आये थे।

 

हीराकुंड बांध की अन्य जानकारी

 

  • ओड़ीशा के संबलपुरी जिले में हीराकुंड बांध है

 

  • हीराकुंड बांध का कंस्ट्रक्शन 1946 में शुरू हुआ था ओर 1953 में बनकर तैयार हो गया था।

 

  • हीराकुंड बांध की लंबाई 25.79 किलोमीटर है,

 

  • हीराकुंड बांध की ऊँचाई 60.68 मीटर है,

 

  • हीराकुंड बांध के बजट 81 बिलियन है,

 

  • हीराकुंड बांध के पाणी को छोड़ने के लिए 64 स्लुइस गेट एंड 34 क्रेस्ट गेट बनाया गया है,

 

  • हीराकुंड बांध दो पहाड़ी के बीच बनाया गया है जिसका दूरी 25.79 किलोमीटर है,

 

  • हीराकुंड बांध को सर विस्बेसवार्य की रिक्वेस्ट से डॉ आंबेडकर के मल्टीप्ल प्रोपोज़ पर बनाया गया है,

 

  • हीराकुंड बांध के दोनों साइट दो टावर है जो की गाँधी मीनार ओर नेहरू मीनार के नाम पर जाना जाता है,

 

  • हीराकुंड बांध को बनवाने के लिए 300 गाओं को खाली कराया गया था,

 

  • हीराकुंड बांध के लिए गरीब लोगों को अपनी ज़मीन को खोना पड़ा था  ओर उसके बदले कुछ नही मिला था,

 

  • हीराकुंड बांध में जितना कंक्रीट ओर सीमेन्ट लगा है वही सीमेन्ट ओर कंक्रीट कश्मीर से कनायकुमारी तक एक 10 फ़ीट चौड़ा रास्ता बनाया जा सकता है,

 

  • हीराकुंड बांध के कंस्ट्रक्शन टाइम में बहुत लोगों की जान को गयी थी,

 

  • हीराकुंड बांध के अंदर बहुत ही बड़े बड़े मंदिर पानी में डूब गया है जो की कुछ मंदिर टूट गया है ओर कुछ मंदिर आज भी वैसे ही पानी सूखने पर दीखता है,

 

  • हीराकुंड बांध में बिजली उत्पादन होता है जो की 364 मेगावाट है,

 

  • हीराकुंड बांध दुनिया के सबसे लंबे बांध है।

 

Last Words: 

 

आपने इस आर्टिकल में जाना कि हीराकुंड बांध को किसने ओर कब बनवाया, हीराकुंड बांध का इतिहास, हीराकुंड बांध की लंबाई ओर चौडाई हम उम्मीद करते हैं कि यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा इसको आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वो भी हीराकुंड बांध से जुड़े इसिहास के बारे में जान सके।

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