Howrah Bridge Ki History Or Jankari 2021

दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं दुनिया के इकलौते ऐसे ब्रिज की जो हवा में तैर रहा है इस ब्रिज का नाम हावड़ा ब्रिज है आज इसके बारे हम सब कुछ जानेंगे कि कैसे कब और किसने इस हावड़ा ब्रिज का निर्माण करवाया और किसके द्वारा हावड़ा ब्रिज का निर्माण किया गया। तो चलिए दोस्तों विस्तार से जानते हैं इस ब्रिज की जानकारी।

 

हावड़ा ब्रिज किसने ओर कब बनाया

 

हावड़ा ब्रिज पश्चिम बंगाल के कोलकाता ओर हावड़ा को जोड़ने वाला एक ब्रिज है जिसे पहले विद्यासागर ब्रिज के नाम पर लोग जानते थे पर बाद में इसका नाम हावड़ा ब्रिज रख दिया गया, ओर अब सब लोग उसे हावड़ा ब्रिज के नाम से जानते है।

इसी ब्रिज को पहली बार 1868 में बनवाने का फैसला किया गया था पर नही हो पाया फिर कोलकता ओर हावड़ा को जोड़ने के लिए एक फ्लोटिंग ब्रिज बनाया गया पर वो ब्रिज ज्यादा दिन टिक नही पाया, फिर एक नया ब्रिज बनवाने का फैसला हुआ ओर 1936 में हावड़ा ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था।

1936 से ब्रिज को बनाने में 6 साल लग गया था, 1936 से 1942 तक, इसी ब्रिज को जनता के लए 1943 फ़रवरी में खोला गया, इसी ब्रिज के निर्माण करने का कॉन्ट्रैक्ट ब्रैथवेट बर्न एंड जोसफ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था।

यह ब्रिज बबगाल के सरकार के परामर्स में बनाया गया था पर इस ब्रिज के जन्मा दाता ब्रैथवेट बर्न ने इस ब्रिज को बना के इतिहास रच दिया

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हावड़ा ब्रिज की बनावट और लंबाई

 

हावड़ा ब्रिज की बनावट कमाल की है यह ब्रिज सिर्फ 4 खम्बो यानि 4 पिलर के ऊपर टीका है, पूरे ब्रिज के लम्बाई 705 मीटर, ऊँचाई 82 मीटर ओर चौडाई 22 मीटर है पर कमाल की बात यह है की उतनी लम्बा पुल में एक भी नॉट या बोल्ट आपको देखने को नही मिलेगा।

इस ब्रिज का कंस्ट्रक्शन ऐसा है की हूगली नदी के इस पर 2 पिलर है यानि हावड़ा में 2 पिलर है ओर कोलकता में 2 पिलर है टोटल 4 पिलर के ऊपर ही कमाल की कारीगरी किया गया है, यह ब्रिज लगभग पूरी तरह से हावड़ा में तेर रहा है।

 

12 बजे इस ब्रिज को बंद क्यों कर दिया जाता है

 

हावड़ा ब्रिज को बनाने वाले इंजीनियर ने कहा था की यह ब्रिज कभी अगर टूटेगा तो यह 12 बजे ही टूटेगा इसकी क्या वजह है किसी को नहीं पता पर उसने यह नही बताया था की दिन के 12 बजे टुटेगा या रात के 12 बजे टुटेगा।

मगर उनकी यह बात सुन कर गोवरमेन्ट ने एक नियम लागु कर दिया की दिन हो या रात हो जब 12 बजेंगे तब ये ब्रिज 1 मिंट के लिए बंद कर दिया जाएगा ऐसा ऐलान कर दिया गया, तबसे लेकर आज तक वही नियम लागु है दिन हो या रात 12 बजे ब्रिज को १ मिंट के लिए बंद रेखा जाता है।

 

हावड़ा ब्रिज से जुड़ी अन्य जानकारी

हावड़ा ब्रिज को बनाने के लिए 26,500 टन लोहा लगाया गया था,

इस ब्रिज को बनाने का खर्चा 3,33 करोड़ रुपये आया था।

इस ब्रिज के नाम बहुत सारे है- जैसे रबिन्द्र नाथ सेतु, विद्यासागर सेतु, हावड़ा ब्रिज…

इस ब्रिज को 2021 में 78 साल पूरा हुआ।

इस ब्रिज के पहले ऐसा हैंगिंग ब्रिज दुनिया में नहीं था।

इस ब्रिज का कैपेसिटी 60,000 टन किलोग्राम संभाल सकता है पर आजकल जनसख्यां जयादा होने के करना 90,000 टन तक भी चला जाता है।

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