Shiromani Akali Dal संगठन कब बना | इतिहास

शिरोमणि अकाली दल एक संगठन जिसके बारे में आपने ज़रूर सुना होगा, हालहि में यह संगठन भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद काफी चर्चा में आया और जिसने कभी इस संगठन का नाम नहीं भी सुना था उन्होंने भी इस संगठन के बारे में जाना, वैसे तो यह संगठन काफी पुराना और बड़ा है जिसकी वजह से लगभग हर कोई इस संगठन के बारे में जानता है मगर यदि आप इस संगठन के बारे में नहीं जानते हो या फिर विस्तार से जानना चाहते हो तो आप इस आर्टिकल के साथ जुड़े रहें।

 

क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि अकाली दल संगठन क्या है इसको कब और किसके द्वारा स्थापित किया गया, मौजूद समय में इस संगठन के प्रधान कौन हैं और ऐसे कई सवालों के बारे में बात करेंगे जिनके बारे में आप नहीं जानते और जरूर जानना चाहते होंगे तो दोस्तों ज्यादा समय ना लेते हुए शुरू करते हैं।

 

शिरोमणि अकाली दल का गठन कब किया गया

 

14 दिसम्बर 1920 में इस संगठन का गठन किया गया और आज इस दल को सो साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है, इस संगठन के पहले अध्यक्ष सुखमुख सिंह इकबाल थे और दूसरे अध्यक्ष बाबा खड़क सिंह था, लेकिन इसको राजनीतिक तौर पर प्रसिद्ध करने वाले इसके तीसरे अध्यक्ष थे जिनका नाम मास्टर तारा सिंह था।

 

इनकी अध्यक्षता के अंतर्गत इस संगठन को पहचान मिलने लगी और लोगों में इस संगठन की लोकप्रियता बढ़ने लगी। प्रकाश सिंह बादल इसके 20वें अध्यक्ष रहे ओर मजूदा समय में इस संगठन की अध्यक्षता सुखबीर सिंह बादल जी कर रहें हैं।

 

अकाली दल संगठन का इतिहास

 

इस संगठन की शुरुआत 14 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा, सिख समाज कार्य बल के रूप में किया गया था। इस पार्टी के सो सालों के दरम्यान यह संगठन कई बार अलग अलग गुटों में बंटा और जुड़ कर आगे बढ़ता रहा।

 

1984 में अकाली दल दो गुटों में बंट गया था अकाली दल लोंगोवाल और अकाली दल यूनाइटेड के नाम से इसके दो गुट बन गए। अकाली दल लोंगोंवाल की अध्यक्षता हरचरण सिंह लोंगोंवाल कर रहे थे और यूनाइटेड अकाली दल की अध्यक्षता बाबा जोगिंदर सिंह जी कर रहे थे। 20 अगस्त 1985 में लोंगोंवाल की मौत हो जाने के बाद अकालीदल लोंगोंवाल  को  सुरजीत सिंह बरनाला ने संभाला।

 

1986 में अकाली दल बरनाला और अकाली दल बादल नाम से दो गुटों में संगठन विभाजित हो गया और 1987 आते आते यह संगठन 3 गुटों में विभाजित हो चुका था जो इस तरह से थे बादल ग्रुप, बरनाला ग्रुप और जोगिंदर सिंह ग्रुप, इसके बाद feb 1987 तक यह सभी ग्रुप एक जुट हो गए।

 

ऐसे ही अकाली दल से निकल कर अलग अलग नेता अपने अकाली दल संगठन बनाते रहे और आज भी कई अकाली दल संगठन चल रहे हैं लेकिन जिसको मुख्य रूप से लोग जानते हैं और मानते हैं उस ग्रुप का नाम शिरोमणि अकाली दल है मजूदा समय में जिसके अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल जी है। इसके अलावा अकाली दल (अमृतसर) पार्टी भी मजूदा समय में सक्रिय हैं।

 

अकाली दल के अध्यक्षों की सूची

 

जब से इस संगठन की स्थापना हुई है तब से लेकर अब तक के इस पार्टी के प्रधान रह चुके अध्यक्षों की सूची नीचे दिए अनुसार है। 

 

सरमुख सिंह झब्बाल, बाबा खड़क सिंह, करम सिंह बस्सी, मास्तर तारा सिंह, गोपाल सिंह कौमी, तारा सिंह, तेजा सिंह, बाबू लाभ सिंह, ऊधम सिंह नागोके, ज्ञानी करतार सिंह, प्रीतम सिंह गोजरा, हुकम सिंह, संत फतेह सिंह, अच्छर सिंह, भूपेंदर सिंह, मोहन सिंह तूड़, जगदेव सिंह तलवंडी, हरचंद सिंह लोंगोवाल, सुरजीत सिंह बरनाला, सिमरजीत सिंह मान, प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल

 

अकाली दल कौन से राज्य का क्षेत्रीय दल है

 

अकाली दल संगठन मुख्य रूप से पंजाब राज्य का क्षेत्रीय दल है, राजनीतिक रूप में देखा जाए तो पंजाब में यह संगठन भाजपा के साथ गठबंधन में भी था लेकिन हाल ही में बहुल लंबे समय से चल रहा गठबंधन टूट चुका है।

 

अकाली दल का चुनाव चिन्ह : तराजू

 

अकाली दल का गठन: 14 December 1920

 

Last Words:

दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आप यह जान गए होंगे कि अकाली दल का गठन कब हुआ औऱ यह किस राज्य का संगठन है और कैसी लगी आपको यह जानकारी हमें कमेंट कर ज़रूर बताएं। स्रोत

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